Bokaro: शिक्षक दिवस के अवसर पर शनिवार को जिलेभर के विद्यालयों के साथ-साथ प्रखंड एवं जिला स्तर पर विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। कार्यक्रमों में पदाधिकारियों ने शामिल होकर शिक्षकों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त की। विद्यालयों में विद्यार्थियों ने शिक्षकों के सम्मान में सांस्कृतिक एवं अन्य कार्यक्रम प्रस्तुत कर उनके योगदान को याद किया।

शिक्षक समाज और राष्ट्र के भविष्य के निर्माता : उपायुक्त
उपायुक्त अजय नाथ झा ने कहा कि शिक्षक दिवस आत्ममंथन और अपने जीवन में शिक्षकों के योगदान को याद करने का अवसर है। शिक्षक ज्ञान देने के साथ विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करते हैं और उन्हें जीवन में आगे बढ़ने के लिए तैयार करते हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षकों ने ज्ञान के साथ संस्कार देकर समाज और राष्ट्र के भविष्य को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
शिक्षक सम्मान केवल एक दिन तक सीमित नहीं
उपायुक्त ने कहा कि शिक्षकों का सम्मान केवल शिक्षक दिवस तक सीमित नहीं रहना चाहिए। प्रत्येक व्यक्ति का कर्तव्य है कि वह अपने शिक्षकों का सदैव आदर करे और उनके प्रति कृतज्ञता का भाव बनाए रखे। उन्होंने कहा कि शिक्षक का सम्मान वास्तव में समाज के भविष्य का सम्मान है, क्योंकि शिक्षक ही आने वाली पीढ़ी का निर्माण करते हैं।

शिक्षा के साथ संस्कार और अनुशासन पर जोर
उन्होंने कहा कि शिक्षक विद्यार्थियों को केवल पाठ्यक्रम की शिक्षा नहीं देते, बल्कि जीवन जीने की दिशा, अनुशासन, संस्कार तथा सही और गलत के बीच अंतर समझने की क्षमता भी विकसित करते हैं। शिक्षक दिवस सभी को शिक्षकों के मूल्यों को अपने जीवन में अपनाने और शिक्षा-संस्कार को सर्वोच्च स्थान देने का संकल्प लेने के लिए प्रेरित करता है।
विद्यार्थियों ने शिक्षकों के प्रति जताया आभार
जिले के विभिन्न विद्यालयों में आयोजित कार्यक्रमों में विद्यार्थियों ने अपने शिक्षकों के प्रति सम्मान और भावनाएँ व्यक्त कीं। वहीं, प्रखंड एवं जिला स्तर पर आयोजित कार्यक्रमों में पदाधिकारियों ने शिक्षकों को सम्मानित करते हुए उनके योगदान की सराहना की। उपायुक्त ने जिले के सभी शिक्षकों को शिक्षक दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ दीं।
