Bokaro: काम में छोटी-सी चूक भी बड़े जोखिम का कारण बन सकती है। ऐसे में नियमों की जानकारी के साथ सतर्कता, पारदर्शिता और व्यक्तिगत जवाबदेही बेहद जरूरी है। इसी सोच के साथ बोकारो स्टील प्लांट (BSL) के सतर्कता विभाग ने कर्मचारियों को जागरूक करने की दिशा में एक अहम पहल की। आगामी सतर्कता जागरूकता सप्ताह 2026 और चल रहे तीन माह के निवारक सतर्कता अभियान के तहत शनिवार को मानव संसाधन ज्ञानार्जन एवं विकास विभाग में गैर-कार्यपालक कर्मचारियों के लिए विशेष जागरूकता सत्र आयोजित किया गया।
45 कर्मचारियों ने लिया हिस्सा
कार्यक्रम में संयंत्र के विभिन्न विभागों से जुड़े 45 गैर-कार्यपालक कर्मचारियों ने हिस्सा लिया। उद्देश्य था कि रोजमर्रा के कामकाज में नियमों का पालन सुनिश्चित करने के साथ कर्मचारियों में सत्यनिष्ठा और नैतिक मूल्यों को और मजबूत किया जाए।

कार्यक्रम में सहायक महाप्रबंधक (मानव संसाधन-ज्ञानार्जन एवं विकास), वरीय प्रबंधक (सतर्कता) और प्रबंधक (सतर्कता) मौजूद रहे।

ABMS से लेकर RDA तक, समझाए गए नियम
सत्र में कर्मचारियों को बीएसएल के सतर्कता तंत्र के साथ एंटी-ब्राइबरी मैनेजमेंट सिस्टम (ABMS), आरडीए कार्यवाही और Standing Orders की जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि सतर्कता केवल भ्रष्टाचार रोकने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह दैनिक कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने का महत्वपूर्ण माध्यम है।
कर्मचारियों को उन क्षेत्रों के बारे में भी विस्तार से बताया गया, जहां प्रक्रियागत चूक या लापरवाही सतर्कता संबंधी जोखिम पैदा कर सकती है।
सैंपलिंग से स्टोर्स और वेंडर बिल तक चर्चा
जागरूकता सत्र में संचालन, सैंपलिंग, परीक्षण एवं निरीक्षण, स्टोर्स एवं वेयरहाउस प्रबंधन, सामग्री डिस्पैच, वेंडर बिल प्रबंधन और कार्मिक मामलों जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई।
इन क्षेत्रों में नियमों के पालन, रिकॉर्ड की शुद्धता और निर्धारित प्रक्रियाओं के अनुसार निर्णय लेने पर विशेष जोर दिया गया।
केस स्टडी से समझाया, गलती की कीमत
कार्यक्रम की खासियत रही कि कर्मचारियों के सामने पूर्व-सतर्कता जांच से जुड़े वास्तविक केस स्टडी भी रखे गए। इनके माध्यम से यह समझाने की कोशिश की गई कि कार्यस्थल पर लिया गया हर निर्णय महत्वपूर्ण है और नियमों की अनदेखी आगे चलकर गंभीर परेशानी का कारण बन सकती है।
केस स्टडी के जरिए कर्मचारियों को नैतिक निर्णय लेने, निर्धारित प्रक्रियाओं का शत-प्रतिशत पालन करने और अपने कार्यों के प्रति व्यक्तिगत जवाबदेही रखने का संदेश दिया गया।
सिर्फ नियम नहीं, नैतिक जिम्मेदारी भी
कार्यक्रम में नैतिक मूल्यों पर केंद्रित विशेष सत्र भी हुआ। इसमें इस बात पर जोर दिया गया कि संगठन में मजबूत सतर्कता व्यवस्था तभी प्रभावी हो सकती है, जब हर कर्मचारी अपनी भूमिका और जिम्मेदारी को ईमानदारी से निभाए।
बीएसएल सतर्कता विभाग की यह पहल संयंत्र में पारदर्शी कार्यसंस्कृति, उच्च नैतिक मानकों और निवारक सतर्कता की संस्कृति को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
