Bokaro : एसएनए छऊ केंद्र, चंदनकियारी में आयोजित तीन दिवसीय सरायकेला छऊ संगीत कार्यशाला एवं छऊ चौपाल का बुधवार को विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ समापन हुआ। कार्यक्रम में छऊ की विभिन्न शैलियों, संगीत और नृत्य से जुड़े कलाकारों व विद्यार्थियों ने भाग लिया।

तपन पटनायक ने दिया व्याख्यान-प्रदर्शन
समापन दिवस पर सरायकेला छऊ के प्रसिद्ध एक्सपोनेंट एवं संगीत नाटक अकादेमी पुरस्कार से सम्मानित तपन पटनायक ने व्याख्यान-प्रदर्शन किया। उन्होंने सरायकेला छऊ की परंपरा, संगीत, वादन और नृत्य शैली से जुड़े अनुभव साझा किए। इससे प्रतिभागियों को छऊ की बारीकियां समझने का अवसर मिला।
छात्राओं ने सीखा सरायकेला संगीत
त्रिनेत्र आर्ट सेंटर द्वारा संचालित तीन दिवसीय सरायकेला संगीत कार्यशाला का भी समापन हुआ। सरकारी विद्यालयों की छात्राओं ने उत्साह के साथ प्रशिक्षण लिया और सरायकेला संगीत के प्रति अपनी रुचि दिखाई।

तीनों छऊ शैलियों की प्रस्तुति ने मोहा मन
छऊ चौपाल के अंतिम दिन सरायकेला के छऊ गुरु मनोरंजन साहू और उनके दल ने प्रस्तुति दी। इसके बाद ओडिशा के मयूरभंज से गुरु सृष्टिधर मोहंता और पश्चिम बंगाल के पुरुलिया से कृष्णा कुमार महतो के दल ने छऊ नृत्य प्रस्तुत किया। प्रस्तुतियों पर दर्शकों ने तालियों से कलाकारों का उत्साह बढ़ाया।
लोक संस्कृति के संरक्षण पर दिया जोर
कार्यक्रम का संचालन केंद्र के समन्वयक डॉ. संजय कुमार चौधरी के निर्देशन में हुआ। उन्होंने छऊ की विभिन्न शैलियों के संरक्षण, संवर्धन और नई पीढ़ी से संवाद के लिए ऐसे आयोजनों को महत्वपूर्ण बताया। जिला खेल पदाधिकारी हेमलता बून ने भी आयोजन की सराहना की।
