Bokaro: जिले के विद्यालयों, कॉलेजों और मदरसों में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के नामांकित विद्यार्थियों का विवरण यू-डायस पोर्टल पर दर्ज करने में बड़ी लापरवाही सामने आई है। 31 अगस्त तक की समीक्षा में पिछले शैक्षणिक सत्र की तुलना में जिले में 30,904 विद्यार्थियों का अंतर दर्ज किया गया है।

मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) ने सभी प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारियों, प्रखंड संसाधन केंद्र समन्वयकों, प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारियों और प्रखंड एमआईएस समन्वयकों को शोकॉज नोटिस जारी किया है।
दो दिनों में मांगा गया स्पष्टीकरण
डीईओ ने संबंधित अधिकारियों से दो दिनों के भीतर यह स्पष्ट करने को कहा है कि निर्धारित समय-सीमा के बावजूद सभी नामांकित विद्यार्थियों का विवरण यू-डायस पोर्टल पर अपलोड क्यों नहीं किया गया।

विभाग ने चेतावनी दी है कि निर्धारित समय के भीतर संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं मिलने पर आगे की कार्रवाई की जा सकती है।
8 सितंबर तक शत-प्रतिशत डेटा अपलोड करने का आदेश
शिक्षा विभाग ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि जिले के सभी नामांकित विद्यार्थियों की विवरणी 8 सितंबर तक यू-डायस पोर्टल पर शत-प्रतिशत अपलोड कराई जाए।
बताया गया कि सभी नामांकित विद्यार्थियों को पोर्टल से जोड़ने का निर्देश पहले ही 31 जुलाई तक दिया गया था, लेकिन निर्धारित अवधि के बाद भी आंकड़ों में बड़ा अंतर सामने आया।
चास में सबसे अधिक 14,143 विद्यार्थियों का अंतर
प्रखंडवार समीक्षा में सबसे अधिक अंतर चास प्रखंड में दर्ज किया गया है। चास के 572 विद्यालयों में पिछले सत्र की तुलना में 14,143 विद्यार्थियों का अंतर पाया गया।
अन्य प्रखंडों की स्थिति भी चिंताजनक है—
- बेरमो: 122 विद्यालयों में 2,103 विद्यार्थियों का अंतर
- चंदनकियारी: 262 विद्यालयों में 3,090 विद्यार्थियों का अंतर
- चंद्रपुरा: 155 विद्यालयों में 1,662 विद्यार्थियों का अंतर
- गोमिया: 283 विद्यालयों में 2,815 विद्यार्थियों का अंतर
- जरीडीह: 151 विद्यालयों में 2,030 विद्यार्थियों का अंतर
- कसमार: 137 विद्यालयों में 1,109 विद्यार्थियों का अंतर
- नावाडीह: 218 विद्यालयों में 1,954 विद्यार्थियों का अंतर
- पेटरवार: 218 विद्यालयों में 1,998 विद्यार्थियों का अंतर
नामांकन आंकड़े तत्काल दुरुस्त करने का निर्देश
जिला शिक्षा विभाग ने संबंधित अधिकारियों को नामांकन संबंधी आंकड़ों की तत्काल समीक्षा कर त्रुटियों को दुरुस्त करने का निर्देश दिया है। विभाग का स्पष्ट कहना है कि जिले में संचालित सभी श्रेणी के विद्यालयों, कॉलेजों और मदरसों के नामांकित विद्यार्थियों का पूरा विवरण यू-डायस पोर्टल पर दर्ज कराया जाए।
अब विभाग की नजर इस बात पर रहेगी कि 8 सितंबर तक 30 हजार से अधिक विद्यार्थियों के आंकड़ों में सामने आए इस बड़े अंतर को कैसे दूर किया जाता है।
