Bokaro: देशभर में मतदाता सूची को और अधिक शुद्ध व पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से केंद्र सरकार द्वारा विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SIR) अभियान को गति दी जा रही है, और अब इसी कड़ी में बोकारो में भी इसकी तैयारियां तेज हो गई हैं। सोमवार को समाहरणालय सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में डीसी अजय नाथ झा ने निर्वाचन कार्यों की गहन समीक्षा करते हुए सभी अधिकारियों को समयसीमा के भीतर तैयारी पूरी करने का सख्त निर्देश दिया।

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राजनीतिक दलों के साथ समन्वय बढ़ाने पर जोर
बैठक के दौरान सभी निर्वाची पदाधिकारी (ईआरओ) एवं सहायक निर्वाची पदाधिकारी (एईआरओ) को निर्देशित किया गया कि वे मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ समन्वय स्थापित कर प्रत्येक मतदान केंद्र के लिए बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) की सूची तैयार कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि निर्वाचन प्रक्रिया में सभी की सक्रिय भागीदारी अत्यंत आवश्यक है।

जिलाध्यक्षों के साथ बैठक सुनिश्चित करने का निर्देश
डीईओ सह डीसी ने जिला उप निर्वाचन पदाधिकारी को निर्देश दिया कि वे सभी राजनीतिक दलों के जिलाध्यक्षों के साथ शीघ्र बैठक आयोजित करें। इससे निर्वाचन कार्यों में पारदर्शिता एवं विश्वास बढ़ेगा। साथ ही विधानसभा स्तर पर कार्यरत कंप्यूटर ऑपरेटरों को अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी ईमानदारी एवं निष्ठा के साथ करने को कहा।
सूची के शत-प्रतिशत सत्यापन पर बल
डीईओ सह डीसी ने मतदान कार्य से जुड़ें बीएलओ – सुपरवाइजरों को एएसडीडी सूची का शत-प्रतिशत सत्यापन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची की शुद्धता लोकतांत्रिक प्रक्रिया की आधारशिला है, अतः इसमें किसी भी प्रकार की त्रुटि की गुंजाइश नहीं होनी चाहिए। ईआरओ एवं एईआरओ को भी निर्देशित किया गया कि वे रेंडम रूप से एएसडीडी सूची का सत्यापन करें, ताकि कार्य की गुणवत्ता सुनिश्चित हो सके।
मैपिंग एवं मतदाता सूची अद्यतन कार्यों की समीक्षा
बैठक में मतदाताओं की मैपिंग, स्टिकर लगाने, नजरी नक्शा तैयार करने तथा मतदाता सूची के अद्यतन से संबंधित कार्यों की भी समीक्षा की गई। डीईओ सह डीसी ने इन कार्यों को निर्धारित समयसीमा के भीतर पूर्ण करने तथा प्रत्येक स्तर पर निगरानी बनाए रखने का निर्देश दिया।
नियमित समीक्षा बैठक आयोजित करने का निर्देश
डीईओ सह डीसी ने जिला उप निर्वाचन पदाधिकारी को निर्देश दिया कि निर्वाचन से संबंधित सभी कार्यों की प्रगति की निगरानी के लिए प्रतिमाह समीक्षा बैठक आयोजित की जाए। उन्होंने कहा कि नियमित समीक्षा से कार्यों में गति एवं पारदर्शिता दोनों सुनिश्चित होगी।

