Bokaro: गोमिया क्षेत्र में जंगली हाथियों की मौजूदगी को देखते हुए ग्रामीणों और आम नागरिकों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। क्षेत्र के अलग-अलग हिस्सों में कुल 37 जंगली हाथी विभिन्न झुंडों में विचरण कर रहे हैं। ऐसे में कुछ इलाकों में शांति देखकर लापरवाही नहीं करने की अपील की गई है।

अलग-अलग इलाकों में हाथियों की मौजूदगी
जानकारी के अनुसार तिरला में 15, जगेश्वर में 13, कन्देर में 6, दरहाबेरा में 2 और बड़की पुन्नू में 1 हाथी मौजूद है। इसके अलावा हाथियों के अन्य छोटे दल आसपास के जंगलों में सक्रिय बताए जा रहे हैं।
शाम और रात में घर से बाहर निकलने से बचें
ग्रामीणों से अपील की गई है कि शाम और रात के समय बिना जरूरी काम के घर से बाहर न निकलें। अंधेरा होने के बाद खेत, जंगल और सुनसान रास्तों की ओर जाने से बचें, क्योंकि हाथियों का झुंड अचानक अपनी दिशा बदल सकता है।

हाथियों के करीब जाने या छेड़ने की न करें कोशिश
हाथी शांत दिखाई दें, तब भी उनके पास जाने, सेल्फी लेने या पत्थर फेंकने जैसी हरकत न करें। ऐसी लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है। ग्रामीणों को खुले में सोने से भी बचने और घर के बाहर पर्याप्त रोशनी रखने की सलाह दी गई है।
महुआ और शराब का भंडारण न करें
घरों में महुआ या अवैध शराब का भंडारण नहीं करने की अपील की गई है। इसकी गंध से हाथी रिहायशी इलाकों की ओर आकर्षित हो सकते हैं। किसी भी तरह की हाथियों की हलचल दिखाई देने पर तुरंत आसपास के लोगों को सतर्क करें और वन विभाग की टीम को सूचना दें।
सतर्कता से ही टलेगा बड़ा हादसा
ग्रामीणों से अपील की गई है कि वे सुरक्षित रहें, सतर्क रहें और हाथियों से संबंधित सूचना को आसपास के लोगों तक पहुंचाएं। थोड़ी सी लापरवाही भी जान-माल के बड़े नुकसान का कारण बन सकती है।
