Bokaro Airport project moves closer to reality as the Jharkhand government reviews progress, with the Bureau of Civil Aviation Security (BCAS) is going to visit in the last week of May starting week or June first week. While major infrastructure work is complete, security clearance remains key hurdles before commercial flight services can begin from Bokaro.
Bokaro: बोकारो एयरपोर्ट से व्यावसायिक उड़ान सेवा शुरू होने की दिशा में अब तेजी आती दिख रही है। गुरुवार को झारखंड सरकार ने लंबे समय से लंबित इस परियोजना की उच्चस्तरीय समीक्षा करते हुए अधिकारियों को शेष प्रक्रियाओं को जल्द पूरा करने का निर्देश दिया। एयरपोर्ट के अधिकांश बुनियादी ढांचे का काम पूरा हो चुका है, लेकिन सुरक्षा मंजूरी और तकनीकी अनुमति अभी सबसे बड़ी बाधा बनी हुई है।

नागरिक उड्डयन सचिव की अध्यक्षता में हुई बैठक
बैठक की अध्यक्षता झारखंड की नागरिक उड्डयन सचिव वंदना दादेल ने की। इसमें एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) के एयरपोर्ट डायरेक्टर बिनोद कुमार, बोकारो स्टील प्लांट (BSL) के अधिकारी तथा अन्य संबंधित विभागों के प्रतिनिधि शामिल हुए। वहीं उपायुक्त अजय नाथ झा वर्चुअल माध्यम से बैठक में जुड़े।
मई अंत या जून के पहले सप्ताह में BCAS टीम का दौरा संभव
एयरपोर्ट डायरेक्टर बिनोद कुमार ने कहा, “समीक्षा बैठक में अब तक पूरे हुए कार्यों और लंबित प्रक्रियाओं का आकलन किया गया, ताकि बोकारो एयरपोर्ट से व्यावसायिक उड़ान सेवा शुरू करने की प्रक्रिया तेज की जा सके। BCAS की टीम मई के अंतिम सप्ताह या जून के पहले सप्ताह में एयरपोर्ट का निरीक्षण कर सकती है। सुरक्षा मानकों पर BCAS से मंजूरी मिलने के बाद DGCA की टीम निरीक्षण करेगी।” उन्होंने कहा कि “DGCA की टीम रनवे की स्थिति, मार्किंग, अग्निशमन व्यवस्था, संचार उपकरण, एंबुलेंस सुविधा और अन्य सुरक्षा मानकों की जांच करेगी। DGCA से लाइसेंस मिलने के बाद ही व्यावसायिक उड़ान सेवा शुरू हो सकेगी।”

अगले 15 दिनों में DGCA लाइसेंस के लिए आवेदन करेगा BSL
बैठक में अधिकारियों ने जानकारी दी कि BSL अगले 15 दिनों के भीतर DGCA लाइसेंस के लिए आवेदन जमा कर सकता है। इसे एयरपोर्ट संचालन की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। वर्षों से तकनीकी और प्रशासनिक अड़चनों के कारण यह परियोजना अटकी हुई थी।
राज्य सरकार के हिस्से का अधिकांश काम पूरा: DC
उपायुक्त अजय नाथ झा ने कहा, “राज्य सरकार को सौंपे गए अधिकांश कार्य पूरे कर लिए गए हैं। इसमें सतनपुर पहाड़ी पर ऑब्स्ट्रक्शन लाइट लगाने सहित विमानन सुरक्षा मानकों से जुड़े कई जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर कार्य शामिल हैं।”
CTO और सुरक्षा मंजूरी अब भी बड़ी चुनौती
हालांकि अधिकारियों ने माना कि अभी भी कुछ अहम प्रक्रियाएं बाकी हैं। खासकर Consent to Operate (CTO), सुरक्षा क्लियरेंस और अन्य तकनीकी औपचारिकताएं पूरी होना जरूरी है। इनके बिना बोकारो एयरपोर्ट से उड़ान सेवा शुरू नहीं हो पाएगी।
एयरलाइन ऑपरेटर नहीं मिलना बना नई परेशानी
बैठक में एक और बड़ी चुनौती सामने आई। अधिकारियों के अनुसार एयरपोर्ट का इंफ्रास्ट्रक्चर और लाइसेंस प्रक्रिया आगे बढ़ने के बावजूद अब तक किसी एयरलाइन कंपनी ने सेवा शुरू करने को लेकर अंतिम सहमति नहीं दी है। इसे परियोजना के सामने सबसे बड़ा व्यावहारिक संकट माना जा रहा है।
जल्द उड़ान शुरू कराने का दावा
हालांकि अधिकारियों ने भरोसा जताया कि शेष अड़चनें जल्द दूर कर ली जाएंगी। एयरपोर्ट को जल्द से जल्द चालू कराने के लिए सभी स्तरों पर प्रयास तेज कर दिए गए हैं।

