Bokaro: कसमार प्रखंड के बगदा गांव में एक गरीब किसान की अद्भुत मेहनत और जिद ने पूरे क्षेत्र को भावुक कर दिया है। गणेश महतो ने सिंचाई की समस्या से परेशान होकर कई बार सरकारी मदद की गुहार लगाई, लेकिन समय पर सहायता न मिलने पर उन्होंने हार नहीं मानी। आर्थिक तंगी और सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने खुद कुदाल-फावड़ा उठाया और लगभग छह महीने तक लगातार कठिन परिश्रम कर 29 फीट गहरा सिंचाई कुआं तैयार कर दिया।

यह कुआं अब सिर्फ पानी का स्रोत नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता, संघर्ष और अटूट हौसले की जीवंत मिसाल बन गया है। ग्रामीणों के अनुसार, गणेश महतो ने बिना किसी सहयोग के दिन-रात मेहनत कर यह असंभव सा दिखने वाला कार्य संभव कर दिखाया। उनकी यह कहानी गांव में प्रेरणा का केंद्र बन गई है।

जब इस पूरे मामले की जानकारी उपायुक्त (डीसी) अजय नाथ झा को मिली, तो वे सोमवार को स्वयं बगदा गांव पहुंचे। उन्होंने मौके पर पहुंचकर अधूरे कुएं का निरीक्षण किया और संबंधित बीडीओ एवं सीओ को आवश्यक निर्देश दिए। उपायुक्त ने स्पष्ट कहा कि शेष कार्य का आकलन तुरंत तैयार कर जिला कार्यालय को भेजा जाए, ताकि कुएं का निर्माण कार्य शीघ्र पूरा कराया जा सके। साथ ही कुएं पर सोलर पंप लगाने की दिशा में भी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने गणेश महतो के साहस और मेहनत की सराहना करते हुए कहा कि उनका यह प्रयास अत्यंत प्रेरणादायक है। उन्होंने निर्देश दिया कि किसान का स्वास्थ्य परीक्षण कर आवश्यक उपचार भी उपलब्ध कराया जाए। साथ ही उन्हें सम्मानित करने की प्रक्रिया शुरू करने को कहा गया।
स्थानीय प्रशासन का यह कदम अब गांव में चर्चा का विषय बना हुआ है, और किसान की मेहनत लोगों के लिए एक प्रेरणादायक कहानी बन गई है।
Frequently Asked Questions (FAQ)
A1: The incident is reported from Bagda village in Kasmar block of Bokaro district, Jharkhand.
A2: The farmer is Ganesh Mahato, who dug a 29-feet deep well through self-effort.
A3: It took nearly six months of continuous hard work.
A4: The DC visited the site, inspected the well, and issued directions for completion and support.
A5: It highlights determination, self-reliance, and rural struggle for water and irrigation.

