Bokaro: चास नगर निगम क्षेत्र में सरकारी भूमि पर कथित अवैध कब्जे और खरीद-बिक्री के मामले को बोकारो जिला प्रशासन ने गंभीरता से लिया है। महापौर, चास नगर निगम की शिकायत के बाद उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी अजय नाथ झा ने पूरे मामले की जांच के लिए चार सदस्यीय समिति का गठन कर दिया है। समिति को एक सप्ताह के भीतर विस्तृत जांच रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है।

आईटीआई मोड़ से एनएच-32 तक की जमीन जांच के दायरे में
महापौर द्वारा 7 जुलाई 2026 को भेजे गए पत्र में आरोप लगाया गया था कि चास नगर निगम क्षेत्र के आईटीआई मोड़ से एनएच-32 तक सरकारी भूमि पर लगातार अवैध खरीद-बिक्री की जा रही है। साथ ही भूमाफियाओं द्वारा सरकारी जमीन पर कथित कब्जा किए जाने की भी शिकायत की गई थी। शिकायत में प्रशासन से निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की गई थी।

चार वरिष्ठ अधिकारियों की बनाई गई जांच समिति
उपायुक्त अजय नाथ झा द्वारा जारी आदेश के अनुसार मामले की जांच के लिए चार सदस्यीय समिति गठित की गई है। समिति में वन प्रमंडल पदाधिकारी, बोकारो, अपर समाहर्ता, बोकारो, भूमि सुधार उप समाहर्ता (चास) तथा अंचल अधिकारी (चास) को शामिल किया गया है। सभी अधिकारियों को तथ्यों की निष्पक्ष जांच कर रिपोर्ट तैयार करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
एक सप्ताह में देनी होगी रिपोर्ट
उपायुक्त ने समिति को स्पष्ट निर्देश दिया है कि शिकायत में उल्लेखित सभी बिंदुओं की जांच कर एक सप्ताह के भीतर अपनी रिपोर्ट उन्हें उपलब्ध कराई जाए। इसके बाद रिपोर्ट के आधार पर आगे की प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।
भूमाफियाओं पर बढ़ सकती है प्रशासनिक सख्ती
जिला प्रशासन की इस पहल को सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे और अनियमित खरीद-बिक्री के खिलाफ सख्त कदम के रूप में देखा जा रहा है। जांच रिपोर्ट आने के बाद यदि शिकायत सही पाई जाती है तो भूमाफियाओं और अवैध कब्जाधारियों पर बड़ी कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।

