Two accused were arrested in Bokaro’s viral video case where an injured youth was locked up instead of treated. Three police officials were suspended, and the victim is hospitalised.
Bokaro: चिरा चास थाना क्षेत्र का वायरल वीडियो मामला अब पुलिस की कार्यशैली पर बड़ा सवाल बन गया है। तीन पुलिस अधिकारियों के निलंबन के बाद बुधवार को बोकारो पुलिस सक्रिय दिखी और मामले में दो आरोपितों की गिरफ्तारी की गई। पुलिस ने हर्ष पांडेय उर्फ हर्ष भूमिहार (19) और दिव्य मिश्रा उर्फ दिव्यांशु मिश्रा उर्फ मुन्ना मिश्रा (19) को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है, जबकि अन्य आरोपितों की तलाश जारी है।

पहले विवाद, फिर बदले की पिटाई
मामले की जड़ एक पुराना विवाद बताया जा रहा है। पुलिस के अनुसार, एक मई को हर्ष पांडेय ने आरिफ अंसारी और उसके साथियों पर मारपीट का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई थी। इस शिकायत के आधार पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की थी। इसी रंजिश में चार मई की शाम सोलागीडीह तालाब के पास हर्ष और उसके साथियों ने आरिफ को घेर लिया और उसकी बेरहमी से पिटाई कर दी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया।

घायल आरिफ का चल रहा इलाज
घटना में घायल 25 वर्षीय आरिफ अंसारी, जो न्यू पिंड्रागोड़िया, भवानीपुर का निवासी है, का इलाज सदर अस्पताल में चल रहा है। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और आरिफ को अपने कब्जे में लिया, लेकिन आगे की कार्रवाई ने पूरे मामले को विवादों में ला दिया।
हाजत में रखने से बढ़ा विवाद
आरोप है कि गंभीर रूप से घायल आरिफ को अस्पताल पहुंचाने के बजाय चिरा चास थाना लाकर हाजत में बंद कर दिया गया। इस घटना से परिजनों में आक्रोश फैल गया। पांच मई को आरिफ के घर की महिला सदस्यों ने थाना पहुंचकर वीडियो बनाया, जिसमें वह हाजत में नजर आ रहा था। यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
वीडियो वायरल होने पर गिरी गाज
वीडियो सामने आने के बाद एसपी नाथू सिंह मीना ने तत्काल संज्ञान लेते हुए जांच के आदेश दिए। प्रारंभिक जांच में लापरवाही और अनुशासनहीनता पाए जाने पर थाना प्रभारी पुष्प राज कुमार, एसआई राजेश कुमार और एएसआई संजय कुमार मंडल को निलंबित कर दिया गया। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और दोषियों पर आगे भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।

