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Bird Flu: बोकारो पहुंच केंद्रीय टीम ने लिया स्तिथि का जायजा, डीसी ने की सावधानी बरतने की अपील


Bokaro: बोकारो के सरकारी पोल्ट्री फार्म में एवियन फ्लू (H5N1) के प्रकोप के बाद स्थिति का जायजा लेने के लिए मंगलवार को केंद्रीय टीम बोकारो पहुंची. दिल्ली से पशुपालन विभाग की डॉ. गिमली शर्मा ने जिले में बर्ड फ्लू के प्रकोप का केंद्र बने सेक्टर-12 के लोहांचल स्थित सरकारी फार्म का दौरा किया.

सेंट्रल सर्विलांस यूनिट के डॉ. सीएस तल्कर, डॉ. अमित भौमिक और डॉ. शिव कुमार की टीम ने भी घटनास्थल का दौरा किया और आवश्यक निर्देश दिए. एवियन इन्फ्लुएंजा H5N1 को बर्ड फ्लू के नाम से भी जाना जाता है. Video:

जिला पशुपालन विभाग के सहायक निदेशक डॉ. प्रदीप कुमार ने बताया कि तीन फरवरी से अब तक 800 से अधिक मुर्गों की मौत हो चुकी है. बचे हुए 103 मुर्गे का कलिंग (culling) करके गाड़ दिया गया है। उन्होंने कहा, ‘टीम कोलकाता और दिल्ली से आई है। वे केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय को जांच रिपोर्ट सौंपेंगे और उसके बाद जो भी जरूरी होगा, किया जाएगा.’

गाइडलाइन का पालन करने की अपील –
उपायुक्त कुलदीप चौधरी ने जिलावासियों से जारी गाइडलाइन का अनुपालन करने एवं प्रशासन का सहयोग करने की बात कहीं है. जिला प्रशासन बर्ड फ्लू का मामला पुष्टि होने के बाद से ही केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा जारी स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) को सुनिश्चित कर रहा है.

सामान्य जानकारी:
– बर्ड फ्लू मुख्यतः मुर्गियों का अत्यन्त संक्रामक रोग है। संक्रमित पक्षी/मुर्गी के सम्पर्क में जाने से यह संक्रमण मनुष्यों में भी फैल सकता है।
– बर्ड फ्लू अत्यन्त संक्रामक वायरस (H5N1) जनित रोग है।
– मनुष्यों में बर्ड फ्लू के लक्षण साधारण फ्लू से मिलते-जुलते हैं,जैसे सांस लेने में परेशानी,तेज बुखार, जुकाम और नाक बहना। इस तरह की समस्या होने पर नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र में इसकी सूचना दें।
– सामान्यतः बर्ड फ्लू का वायरस 70 डिग्री सेंटीग्रेड तापमान पर नष्ट हो जाता है।
– किसी स्थान पर बर्ड फ्लू रोग की पुष्टि होने के बावजूद अण्डे व चिकेन 70 डिग्री सेंटीग्रेड तापमान तक पकाकर खाने में कोई नुकसान नहीं है।

ध्यान देने वाली बातें:-
-बीमार मुर्गियों के सीधे सम्पर्क में न आयें। दास्ताने या किसी भी अन्य सुरक्षा साधन (मास्क) का इस्तेमाल करें।
– बीमार पक्षियों के पंख,श्लेश्मा (म्यूकस) और बीट न छूयें। छू जाने की स्थिति में साबुन से तुरंत अच्छे तरीके से हाथ धोयें।
– संक्रमित पक्षियों/ मुर्गियों को मारने के बाद उनका सुरक्षित निपटारा करें।
– बीमार अथवा मरे हुए पक्षी की सूचना तुरन्त निकटतम पशुपालन विभाग तथा स्वास्थ्य विभाग को दें। ऐसा करना जन स्वास्थ्य के लिए आवश्यक है।

पक्षियों/मुर्गियों के पालनकर्त्ताओं एवं दुकानदारों हेतु दिशा-निर्देश-
– अपने पक्षियों/मुर्गियों पर नजर रखें, यदि पक्षियों/मुर्गियों की आँखों,गर्दन और सिर के आस-पास सूजन है, आँखों के रिसाव हो रहा है,कलगी और टांगों में नीलापन आ रहा है, अचानक कमजोरी,पंख गिरना गढ़ रहा है और पक्षियों/मुर्गियों की हरकत में कमी आ रही है, पक्षी/मुर्गी कम आहार ले रहे हैं तथा सामान्य से अधिक संख्या में इनकी मृत्यु हो रही हो तो यह सब खतने के संकेत हैं।

– पक्षियों/मुर्गियों में ऐसे असामान्य लक्षण दिखाई देते हैं तो इसे छिपाये नहीं, क्योंकि यह आपके परिवार तथा समाज के स्वास्थ्य के लिए नुकसानदेह है।
– लक्षण मिलने पर जिले के नजदीकी स्वास्थ्य संस्थानों से सम्पर्क करें।


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