Bokaro: चंदनकियारी प्रखंड के दरहा जोड़िया में करोड़ों रुपये की लागत से बना पुल इन दिनों सवालों के घेरे में है। पुल का संपर्क पथ बारिश के बीच धंसकर क्षतिग्रस्त हो गया है। सड़क किनारे की मिट्टी तेजी से बहने और धंसने के कारण पुल की सुरक्षा पर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। हालात ऐसे हैं कि समय रहते मरम्मत नहीं हुई तो मुख्य सड़क का बड़ा हिस्सा भी धंस सकता है। ऐसा हुआ तो दर्जनों गांवों का आवागमन प्रभावित होने की आशंका है।

निर्माण के कुछ माह बाद ही खुली गुणवत्ता की पोल
साबड़ा पंचायत के साबड़ा और उदलबनी गांव को जोड़ने के लिए दरहा जोड़िया पर पुल का शिलान्यास वर्ष 2018 में किया गया था। हालांकि पुल निर्माण के वर्षों बाद इसका संपर्क पथ वर्ष 2026 में पूरा हुआ। निर्माण पूरा हुए अभी कुछ ही महीने बीते थे कि बारिश ने सड़क निर्माण की गुणवत्ता की पोल खोल दी।
बारिश के दौरान संपर्क पथ का एक हिस्सा अचानक धंस गया। सड़क के किनारे सुरक्षा के लिए बनायी गयी गार्ड वॉल भी मिट्टी के दबाव और कटाव के कारण पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गयी। इसके बाद सड़क की मिट्टी तेजी से बहने लगी है, जिससे संपर्क पथ के साथ मुख्य सड़क पर भी खतरा बढ़ गया है।

पहली बारिश में धंसी सड़क, निर्माण पर उठे सवाल
स्थानीय ग्रामीणों ने निर्माण कार्य में कथित अनियमितता का आरोप लगाया है। ग्रामीणों का कहना है कि संपर्क पथ के निर्माण के दौरान गुणवत्ता मानकों का पर्याप्त ध्यान नहीं रखा गया। यही वजह है कि पहली ही बारिश में सड़क का किनारा धंस गया और गार्ड वॉल भी टिक नहीं सकी।
ग्रामीणों के मुताबिक यदि बारिश का दौर जारी रहा और तत्काल सुरक्षा उपाय नहीं किए गए तो सड़क का बचा हुआ हिस्सा भी इसकी चपेट में आ सकता है। इससे इस मार्ग से आने-जाने वाले लोगों के लिए दुर्घटना का खतरा बढ़ सकता है।
जांच और तत्काल मरम्मत की मांग
ग्रामीणों ने संबंधित विभाग से संपर्क पथ के निर्माण की गुणवत्ता की जांच कराने की मांग की है। साथ ही क्षतिग्रस्त हिस्से की तत्काल मरम्मत और सड़क को सुरक्षित करने के लिए प्रभावी कदम उठाने की अपील की है।
लोगों का कहना है कि यह मार्ग कई गांवों के लिए महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है। यदि मुख्य सड़क धंस गयी तो ग्रामीणों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ेगा। ऐसे में विभाग की ओर से समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो करोड़ों की लागत से तैयार पुल के साथ-साथ पूरे इलाके की सड़क व्यवस्था पर भी संकट गहरा सकता है।


