Bokaro: विस्थापितों की विभिन्न समस्याओं और नियोजन से जुड़े मुद्दों को लेकर सोमवार को बोकारो समाहरणालय में बीएसएल प्रबंधन और अप्रेंटिस विस्थापित संघ के प्रतिनिधियों के बीच महत्वपूर्ण बैठक हुई। उपायुक्त अजय नाथ झा की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में नियोजन के आंकड़ों में सामने आए विरोधाभास को दूर करने और विस्थापित परिवारों को मिले रोजगार का स्पष्ट ब्योरा जुटाने पर जोर दिया गया।

नियोजन के आंकड़ों में सामने आया अंतर
बैठक के दौरान डीपीएलआर, बीएसएल प्रबंधन और अप्रेंटिस विस्थापित संघ की ओर से प्रस्तुत नियोजन संबंधी आंकड़ों में अंतर पाया गया। इसे गंभीरता से लेते हुए उपायुक्त ने बीएसएल प्रबंधन को निर्देश दिया कि कुल 37,499 प्रभावित विस्थापित परिवारों में से कितने परिवारों के सदस्यों को नियोजन दिया गया है, इसकी विस्तृत सूची और प्रतिवेदन 5 सितंबर तक उपलब्ध कराया जाए।
ऑनलाइन होगी विस्थापित परिवारों की सूची
उपायुक्त ने डीपीएलआर को नियोजन प्राप्त करने वाले विस्थापित परिवारों की सूची ऑनलाइन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। इसके साथ ही अप्रेंटिसशिप प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले युवाओं में से कितनों को नियोजन मिला है, इसकी स्पष्ट और अद्यतन सूची तैयार करने को भी कहा गया।श्रम अधीक्षक को भी बैठक में उठाए गए विभिन्न बिंदुओं पर अपना प्रतिवेदन प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया। वहीं, शेष प्रशिक्षित युवाओं के नियोजन के लिए बीएसएल द्वारा किए जा रहे प्रयासों की समीक्षा करने तथा आवश्यक कार्रवाई के लिए मुख्यालय स्तर पर पत्राचार करने को कहा गया।

पारदर्शिता के साथ होगा मामलों का परीक्षण
बैठक को संबोधित करते हुए उपायुक्त अजय नाथ झा ने कहा कि जिला प्रशासन सभी पक्षों के बीच समन्वय स्थापित कर समस्याओं के समाधान में सेतु की भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा कि सभी मामलों का निष्पक्ष, पारदर्शी और तथ्यपरक तरीके से परीक्षण किया जाएगा। उन्होंने सभी संबंधित पक्षों से तथ्यों को पारदर्शी तरीके से प्रस्तुत करने की अपील की, ताकि किसी तरह की भ्रांति या गलतफहमी की स्थिति उत्पन्न न हो।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुपालन पर जोर
उपायुक्त ने माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों का अक्षरशः अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने बीएसएल प्रबंधन से विस्थापितों की समस्याओं और उनकी भावनाओं को समझते हुए सभी मुद्दों पर सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने का आग्रह किया।
19 गांवों को पंचायत का दर्जा देने का मुद्दा उठा
बैठक में 19 ऐसे गांवों का मुद्दा भी सामने आया, जिन्हें अब तक पंचायत का दर्जा नहीं मिला है। इस पर उपायुक्त ने बताया कि जिला प्रशासन की ओर से राज्य सरकार को इस संबंध में पत्राचार किया जा चुका है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस मामले में शीघ्र निर्णय लिया जा सकता है।
आरक्षित कार्यों और हिस्सेदारी पर भी चर्चा
बैठक में विस्थापितों के लिए बीएसएल प्रबंधन द्वारा आरक्षित कार्यों और उनमें विस्थापितों की हिस्सेदारी के अनुपालन के मुद्दे पर भी चर्चा हुई। संबंधित पक्षों ने अपनी-अपनी बातें और समस्याएं अधिकारियों के समक्ष रखीं। बैठक के अंत में सभी पक्षों ने विभिन्न मुद्दों के समाधान के लिए सकारात्मक पहल और आपसी सहयोग बनाए रखने पर सहमति जताई।

बैठक में पुलिस अधीक्षक नाथू सिंह मीणा, उप विकास आयुक्त शताब्दी मजूमदार, प्रशिक्षु आईएएस अरविंद राधाकृष्णन, अपर समाहर्ता सुनील चन्द्र, डीपीएलआर पूर्णिमा कुमारी, उप निदेशक जनसंपर्क रवि कुमार, श्रम अधीक्षक रंजीत कुमार, अंचल अधिकारी रामसेवक राम, कार्यपालक दंडाधिकारी, एपीआरओ अविनाश कुमार सिंह सहित बीएसएल के सीजीएम (टाउनशिप) कुंदन कुमार और संघ के प्रतिनिधि मौजूद रहे।


