Bokaro: बोकारो में लंबित एसी-डीसी (AC-DC) बिलों के समायोजन को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। उपायुक्त अजय नाथ झा ने संबंधित विभागों के निकासी एवं व्यय पदाधिकारियों (DDO) को 30 नवंबर तक सरकारी राशि की निकासी और खर्च का विस्तृत ब्योरा जमा करने का निर्देश दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकारी राशि के उपयोग में लापरवाही बरतने वालों की जवाबदेही तय होगी और नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
निकासी से लेकर खर्च तक देना होगा पूरा हिसाब
समाहरणालय में आयोजित समीक्षा बैठक में उपायुक्त ने लंबित एसी-डीसी बिलों के समायोजन में हो रही देरी पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि कितनी राशि निकाली गई, किस काम के लिए निकाली गई, कितनी खर्च हुई और कितनी शेष है, इसका प्रमाणिक रिकॉर्ड उपलब्ध कराना अनिवार्य है।

30 नवंबर तक जमा करना होगा पूरा ब्योरा
उपायुक्त ने सभी संबंधित डीडीओ को निकासी की तिथि, राशि निकालने वाले पदाधिकारी और व्यय से जुड़े अभिलेख कोषागार पदाधिकारी को सौंपने का निर्देश दिया। बोकारो और तेनुघाट कोषागार पुराने रिकॉर्ड का मिलान कर विभागवार रिपोर्ट तैयार करेंगे।

पूर्व पदाधिकारियों से भी मांगा जाएगा जवाब
जिन मामलों में पूर्व में पदस्थापित अधिकारियों के कार्यकाल में राशि की निकासी हुई है, लेकिन उसका हिसाब उपलब्ध नहीं है, उनसे भी स्पष्टीकरण मांगा जाएगा। इसके लिए औपचारिक पत्र भेजे जाएंगे।
15 दिसंबर तक जांच रिपोर्ट सौंपने का निर्देश
मामले की जांच के लिए विशेष टीम गठित की जाएगी। बोकारो और तेनुघाट कोषागार पदाधिकारियों को 15 दिसंबर तक समेकित रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है। भविष्य में अग्रिम राशि की निकासी के लिए सक्षम स्तर से अनुमति लेना अनिवार्य होगा।
बैठक में डीडीसी शताब्दी मजूमदार, डीपीएलआर पूर्णिमा कुमारी, जिला कोषागार पदाधिकारी गुलाब चंद उरांव समेत विभिन्न विभागों के पदाधिकारी मौजूद थे।
