Bokaro: वेदांता आयरन एंड स्टील लिमिटेड (VISL) ने वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में बेहतर परिचालन प्रदर्शन दर्ज किया है। कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट लॉस जुलाई-सितंबर तिमाही में घटकर 311 करोड़ रुपये रह गया, जबकि पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में यह घाटा 465 करोड़ रुपये था। वहीं, कंपनी का EBITDA सालाना आधार पर 56 प्रतिशत बढ़कर 83 करोड़ रुपये पहुंच गया। कंपनी के बोर्ड ने 27 अक्टूबर को तिमाही के अनऑडिटेड वित्तीय परिणामों को मंजूरी दी।


वेदांता आयरन एंड स्टील लिमिटेड का करीब 1.5 मिलियन टन वार्षिक क्षमता वाला स्टील प्लांट झारखंड के बोकारो जिले के चंदनक्यारी में संचालित है। ऐसे में कंपनी के ताजा वित्तीय नतीजे बोकारो के औद्योगिक क्षेत्र के लिए भी महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।
छमाही प्रदर्शन में भी सुधार
30 सितंबर 2026 को समाप्त छमाही में कंपनी का कंसोलिडेटेड EBITDA 54 प्रतिशत बढ़कर 598 करोड़ रुपये हो गया। EBITDA मार्जिन भी 275 बेसिस प्वाइंट बढ़कर 9 प्रतिशत रहा। इस दौरान कंपनी का नेट लॉस 622 करोड़ रुपये से घटकर 203 करोड़ रुपये रह गया। छमाही राजस्व 8 प्रतिशत बढ़कर 6,450 करोड़ रुपये पहुंच गया।

स्टील कारोबार का प्रदर्शन बेहतर
दूसरी तिमाही में स्टील सेगमेंट ने उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया। स्टील कारोबार का EBITDA 73 करोड़ रुपये रहा, जबकि पिछले वर्ष की समान तिमाही में 59 करोड़ रुपये का EBITDA घाटा हुआ था। आयरन ओर सेगमेंट का EBITDA 10 करोड़ रुपये रहा। कंपनी के अनुसार, मानसून और नियामकीय कारणों से आयरन ओर उत्पादन प्रभावित हुआ।
स्टील उत्पादन में 4% वृद्धि
कंपनी का बिक्री योग्य स्टील उत्पादन दूसरी तिमाही में 4 प्रतिशत बढ़कर 5.32 लाख टन हो गया। अप्रैल-सितंबर अवधि में उत्पादन 11.14 लाख टन रहा। पिग आयरन उत्पादन भी छमाही में रिकॉर्ड 5.68 लाख टन तक पहुंच गया। कर्नाटक में मौसमी परिस्थितियों और नियामकीय देरी के कारण आयरन ओर उत्पादन 13 प्रतिशत घटकर 1.5 मिलियन डीएमटी रहा। हालांकि, ओडिशा में उत्पादन 34 प्रतिशत और गोवा में 22 प्रतिशत बढ़ा।
वित्तीय स्थिति मजबूत
कंपनी को दूसरी तिमाही में CRISIL से AA/Stable क्रेडिट रेटिंग मिली है। 30 सितंबर तक कंपनी की कुल परिसंपत्तियां 17,208 करोड़ रुपये और नेट डेट 2,763 करोड़ रुपये रहा। नेट डेट-टू-EBITDA अनुपात 1.3 गुना रहा। परिचालन गतिविधियों से छमाही में 753 करोड़ रुपये का कैश फ्लो भी दर्ज किया गया।
स्टैंडअलोन आधार पर मामूली घाटा
स्टैंडअलोन आधार पर दूसरी तिमाही में कंपनी का परिचालन राजस्व 1,069 करोड़ रुपये रहा। कंपनी को 3 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा हुआ, जबकि पिछले साल इसी तिमाही में 112 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था। 37 करोड़ रुपये के असाधारण खर्च का भी मुनाफे पर असर पड़ा।
