Bokaro: बोकारो पुलिस को डिजिटल तकनीक के जरिए जांच, गश्ती और कानूनी प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाने के लिए eSakshya App, Rakshak App और eSummons App का प्रशिक्षण दिया गया। 29 सितंबर 2026 को पुलिस अधीक्षक कार्यालय स्थित सभागार में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम की अध्यक्षता पुलिस अधीक्षक ने की। इसमें जिले के विभिन्न थानों में पदस्थापित 50 पुलिस पदाधिकारियों ने भाग लिया।
डिजिटल साक्ष्य होगा सुरक्षित
प्रशिक्षण के दौरान eSakshya App के उपयोग की जानकारी दी गई। यह डिजिटल साक्ष्य प्रबंधन प्रणाली है, जिसे नए आपराधिक कानूनों, विशेषकर भारतीय न्याय संहिता (BNS), के तहत अपराध स्थल से जुड़े साक्ष्यों को सुरक्षित रूप से रिकॉर्ड और प्रबंधित करने के लिए विकसित किया गया है। अनुसंधानकर्ताओं के लिए कांड के घटनास्थल और जब्ती से संबंधित प्रविष्टियां eSakshya App के माध्यम से करना अनिवार्य किया गया है। प्रविष्टि के बाद Approval और Sync की प्रक्रिया पूरी होने पर संबंधित जानकारी वरीय पुलिस अधिकारियों के साथ-साथ न्यायालय द्वारा भी रियल टाइम में देखी जा सकती है।

QR कोड से पुलिस गश्ती की निगरानी
Rakshak App के माध्यम से पुलिस गश्ती की रियल टाइम निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने की जानकारी दी गई। वर्तमान में बोकारो जिले के सभी थानों के क्षेत्र में करीब 400 QR कोड लगाए गए हैं। गश्ती दल को प्रतिदिन इन QR कोड को स्कैन करना होता है। स्कैनिंग के साथ ही इसकी रिपोर्ट वरीय पुलिस अधिकारियों तक पहुंच जाती है।

ये QR कोड बैंक, एटीएम, ज्वेलरी दुकानों समेत अन्य संवेदनशील स्थानों पर लगाए गए हैं, जिससे इन क्षेत्रों में पुलिस गश्ती की निगरानी की जा सके।
मोबाइल से समन की तामिला
प्रशिक्षण में eSummons App के जरिए मोबाइल से समन और कानूनी नोटिस की तामिला की प्रक्रिया भी समझाई गई। यह डिजिटल प्लेटफॉर्म समन और कानूनी नोटिस को इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से भेजने, ट्रैक करने और उनकी तामिला सुनिश्चित करने के लिए विकसित किया गया है।
ICJS के तहत तैयार इस व्यवस्था का उद्देश्य पुलिस और न्यायिक प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाने तथा कानूनी कार्रवाई में लगने वाले समय को कम करना है। पहले समन या नोटिस की तामिला चौकीदार के माध्यम से कराई जाती थी, जबकि अब पुलिस पदाधिकारी eSummons App के जरिए इसे अधिक तेजी से पूरा कर रहे हैं।
पीड़ितों को जल्द न्याय पर जोर
पुलिस अधीक्षक ने तीनों डिजिटल ऐप का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने इन तकनीकी माध्यमों का इस्तेमाल पीड़ितों को न्याय दिलाने, मामलों में दोषसिद्धि की दर बढ़ाने और अपराधियों की प्रभावी ट्रैकिंग के लिए करने पर जोर दिया।
