Bokaro: चास नगर निगम ने बकाया राशि जमा नहीं करने पर आइटीआइ मोड़ स्थित अमृत पार्क फेज-1 और फेज-2 को गुरुवार को सील कर दिया। नगर निगम ने पार्क संचालक मेसर्स झारखंड एजुकेशन डेवलपमेंट ट्रस्ट के प्रो. मो. रफीक को नोटिस जारी कर सात दिनों के भीतर 62 लाख 81 हजार 690 रुपये बकाया राशि जमा करने का निर्देश दिया है।

राशि नहीं जमा की तो होगी प्राथमिकी
नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित सात दिनों की अवधि में बकाया राशि जमा नहीं की गई तो एजेंसी को काली सूची में डालने की कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही संचालक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर बकाया राशि की वसूली की जाएगी। पार्क परिसर में लगी सामग्री को भी जब्त करने की कार्रवाई की जाएगी।
एकरारनामा रद होने के बाद कार्रवाई
नगर निगम के अनुसार वार्ड संख्या 21 स्थित अमृत पार्क फेज-1 और फेज-2 के संचालन एवं रखरखाव के लिए 25 जनवरी 2021 को मेसर्स झारखंड एजुकेशन डेवलपमेंट ट्रस्ट के साथ एकरारनामा किया गया था। इसके तहत पार्क के लिए 17 लाख 26 हजार 500 रुपये वार्षिक बंदोबस्ती राशि निर्धारित की गई थी।

एकरारनामा में जीएसटी के साथ हर वर्ष पांच प्रतिशत की वृद्धि का प्रावधान था और एजेंसी को दस वर्षों के लिए पार्क के संचालन का अधिकार दिया गया था। साथ ही पार्क परिसर में किसी भी प्रकार का स्थायी निर्माण नहीं करने की शर्त रखी गई थी।
नगर निगम का आरोप है कि बार-बार नोटिस दिए जाने के बावजूद पार्क परिसर में बनाई गई स्थायी संरचनाओं को नहीं हटाया गया। इसके अलावा निर्धारित बकाया राशि भी जमा नहीं की गई। इन कारणों से निगम ने एकरारनामा रद करने का निर्णय लिया।
कार्यक्रमों की कमाई का 40 प्रतिशत निगम को देना था
पार्क परिसर में विवाह, स्वागत समारोह और अन्य कार्यक्रम आयोजित कराने से होने वाली आय को लेकर भी एकरारनामा में प्रावधान था। इसके तहत कार्यक्रमों से प्राप्त राशि का 40 प्रतिशत हिस्सा नगर निगम के खाते में जमा करना था। निगम के अनुसार संचालक ने इस राशि का निर्धारित हिस्सा भी नियमित रूप से जमा नहीं किया। इससे बकाया राशि बढ़ती चली गई।
पार्षद ने देह व्यापार की शिकायत का किया था दावा
पार्क में कथित अश्लील गतिविधियों और देह व्यापार को लेकर भी नगर निगम को शिकायतें मिली थीं। वार्ड 31 की पार्षद सुमन राय ने इस संबंध में कई बार निगम के अधिकारियों से शिकायत की थी।
पार्षद ने पार्क में देह व्यापार होने का आरोप लगाते हुए कथित प्रमाण के रूप में वीडियो भी निगम को उपलब्ध कराने की बात कही थी। उनका यह भी आरोप था कि पार्क में आने वाले युवक-युवतियों के वीडियो बनाकर उन्हें ब्लैकमेल किया जाता था। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
नौ सदस्यीय टीम ने पार्क को किया सील
अपर नगर आयुक्त संजीव कुमार के निर्देश पर गठित नौ सदस्यीय टीम ने पार्क पहुंचकर स्थल का निरीक्षण किया और सीलिंग की कार्रवाई की। टीम की अध्यक्ष सहायक नगर आयुक्त स्मिता किरण थीं।
टीम में नगर प्रबंधक राम कुमार श्रीवास्तव, शहरी संरचना विशेषज्ञ अमन मल्लिक, गार्डेन अधीक्षक नंदकिशोर प्रसाद, विधि सहायक अनुज कुमार मंडल, राजस्व निरीक्षक मेघा, सेनेटरी एंड फूड इंस्पेक्टर संजीव भैया, कर वसूलीकर्ता अनिल कुमार रजवार और पीआइयू बंटी पाठक शामिल थे। टीम ने पार्क में उपलब्ध संसाधनों और वहां स्थापित सामग्रियों का जायजा लिया। पूरी कार्रवाई की वीडियोग्राफी भी कराई गई।
नगर निगम ने कहा है कि सात दिनों में 62.81 लाख रुपये का बकाया जमा नहीं होने पर प्राथमिकी, एजेंसी को काली सूची में डालने, बकाया राशि की वसूली और पार्क में लगी सामग्रियों को जब्त करने की कार्रवाई की जाएगी।
