Bokaro: कभी साइबर ठग अगर आपके भी बैंक खाते या क्रेडिट कार्ड से रुपये उड़ा दें, तो घबराइए नहीं। समय रहते पुलिस को सूचना देने पर आपकी मेहनत की कमाई वापस भी मिल सकती है। बोकारो साइबर पुलिस ने ऐसा ही कर दिखाया है। त्वरित कार्रवाई और तकनीकी समन्वय के दम पर पुलिस ने 82 वर्षीय बुजुर्ग की ठगी गई 7 लाख रुपये की रकम वापस दिलाकर यह साबित कर दिया कि साइबर अपराध के मामलों में हर मिनट की अहमियत होती है।

7.65 लाख रुपये की हुई थी साइबर ठगी
गुजरात कॉलोनी निवासी 82 वर्षीय नरेंद्र कुमार सिन्हा ने 23 जून 2026 को बोकारो साइबर थाना में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि उनके एचडीएफसी बैंक खाते, एचडीएफसी क्रेडिट कार्ड और आईसीआईसीआई बैंक के क्रेडिट कार्ड से साइबर अपराधियों ने कुल 7.65 लाख रुपये की अवैध निकासी कर ली थी।

शिकायत मिलते ही हरकत में आई पुलिस
शिकायत दर्ज होते ही बोकारो साइबर थाना ने कांड संख्या 20/26 दर्ज कर जांच शुरू कर दी। पुलिस ने तत्काल संबंधित बैंक, पेमेंट गेटवे और अन्य एजेंसियों को ई-मेल भेजकर संदिग्ध ट्रांजेक्शन को होल्ड करने का अनुरोध किया।
24 घंटे के अलर्ट पीरियड का मिला फायदा
जांच में सामने आया कि साइबर अपराधियों ने ठगी की रकम का इस्तेमाल ऑनलाइन शॉपिंग ट्रांजेक्शन में किया था। ऐसे ट्रांजेक्शन शुरुआती 24 घंटे तक अलर्ट मोड में रहते हैं। इसी दौरान बोकारो पुलिस ने RAZORPAY, CASHFREE, RATNAKAR BANK सहित सभी संबंधित एजेंसियों से संपर्क कर ट्रांजेक्शन को रुकवा दिया। पुलिस की त्वरित कार्रवाई के चलते 7 लाख रुपये सुरक्षित रिकवर कर पीड़ित के खाते में वापस करा दिए गए।
पुलिस का जताया आभार
राशि वापस मिलने के बाद नरेंद्र कुमार सिन्हा ने बोकारो पुलिस से मुलाकात कर पुलिस अधीक्षक एवं साइबर थाना की पूरी टीम का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि समय पर की गई कार्रवाई से उनकी जीवनभर की बचत का बड़ा हिस्सा वापस मिल सका।
साइबर ठगी होने पर क्या करें ?
बोकारो पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि यदि वे किसी भी प्रकार की साइबर ठगी का शिकार होते हैं, तो एक पल भी देर न करें। तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें या नजदीकी साइबर थाना में शिकायत दर्ज कराएं। जितनी जल्दी शिकायत होगी, ठगी गई रकम वापस मिलने की संभावना उतनी ही अधिक होगी।

