Bokaro: बोकारो स्टील सिटी के सेक्टर-1 के लोगों के लिए हर मानसून एक नई परेशानी लेकर आता था। जैसे ही तेज बारिश या हवा चलती, पत्थरकट्टा चौक से राम मंदिर तक जाने वाली बिजली लाइन बार-बार ट्रिप कर जाती थी। बिजली विभाग के कर्मचारियों को घंटों मशक्कत करनी पड़ती थी और सेक्टर-1 के बड़े हिस्से में अंधेरा छा जाता था। लेकिन वर्षों से चली आ रही इस समस्या का अब स्थायी समाधान शुरू हो गया है। इस तरह की अंडरग्राउंड वायरिंग अन्य सेक्टरों 5, सेक्टर 3, सेक्टर 9 , सेक्टर 8, सेक्टर 4 , सेक्टर 11 में भी चरणबद्ध तरीके से की जाएगी।

हर बारिश में टूटती थीं उम्मीदें, झुकती थीं पेड़ों की डालियां
जानकारी के अनुसार, सिटी पार्क और सड़क किनारे लगे घने पेड़ों की डालियां अक्सर तेज हवा और बारिश में बिजली के तारों पर गिर जाती थीं। कई बार डालियां तारों से सट जाती थीं, जिससे शॉर्ट सर्किट और फॉल्ट की स्थिति बनती थी। इसका सीधा असर सेक्टर-1 और आसपास के इलाकों की बिजली आपूर्ति पर पड़ता था। हर मानसून में यही स्थिति बिजली विभाग और स्थानीय लोगों के लिए बड़ी चुनौती बन जाती थी।

एक विजन ने बदल दी तस्वीर
इस लंबे समय से चली आ रही समस्या को खत्म करने के लिए बीएसएल की निदेशक (मानव संसाधन) राजश्री बनर्जी के विजन पर काम करते हुए मुख्य महाप्रबंधक (टाउनशिप) कुंदन कुमार तथा महाप्रबंधक राजुल हलकर्णी की टीम ने बड़ा कदम उठाया। पूरी संवेदनशील बिजली लाइन को अंडरग्राउंड करने का कार्य शुरू किया गया, जिससे अब बारिश के दौरान बिजली बाधित होने की संभावना काफी कम हो जाएगी।
अंडरग्राउंड हुई एचटी लाइन, बारिश में भी जगमगाएगा सेक्टर-1
बीएसएल के बिजली विभाग ने पतरकट्टा चौक से राम मंदिर तक के संवेदनशील हिस्से में हाई टेंशन (एचटी) नेटवर्क को भूमिगत कर दिया जायेगा। नारियल फोड़ कर सीजीएम कुंदन कुमार ने ये काम शुरू किया। विभाग का मानना है कि भूमिगत वायरिंग से सेक्टर-1 और आसपास के इलाके में बार-बार होने वाली बिजली कटौती से काफी हद तक राहत मिलेगी।
छोटे-छोटे चरणों में पूरे शहर का बदलेगा बिजली नेटवर्क
सूत्रों के अनुसार, बीएसएल ने पूरे एचटी नेटवर्क को चरणबद्ध तरीके से अंडरग्राउंड करने की योजना बनाई है। इसकी शुरुआत सेक्टर-1बी फीडर से की गई है, जो सिटी पार्क के घने वन क्षेत्र से होकर गुजरता है। इसी नेटवर्क से सेक्टर-5डी का फीडर भी जुड़ा हुआ है। परियोजना पूरी होने के बाद न केवल बिजली आपूर्ति अधिक विश्वसनीय होगी, बल्कि बारिश और आंधी के दौरान होने वाले फॉल्ट में भी उल्लेखनीय कमी आने की उम्मीद है। मौके पर बिजली विभाग के डीजीएम डी के सिंह, आसुतोष कुमार व अन्य लोग मौजूद थे।
आधुनिक टाउनशिप की दिशा में बड़ा कदम
बिजली विशेषज्ञों का मानना है कि अंडरग्राउंड एचटी नेटवर्क भविष्य की स्मार्ट और सुरक्षित टाउनशिप की पहचान है। इससे बिजली आपूर्ति अधिक भरोसेमंद बनेगी, रखरखाव का खर्च कम होगा और मौसम संबंधी बाधाओं का असर भी काफी हद तक समाप्त हो जाएगा। बीएसएल की यह पहल सेक्टर-1 के निवासियों के लिए वर्षों पुरानी समस्या से राहत देने के साथ-साथ आधुनिक आधारभूत संरचना की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।

