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DPS Bokaro: तीन-दिवसीय राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस शुरू, राज्य के 13 जिलों से पहुंचे 100 से अधिक प्रतिभागी


Bokaro: राष्ट्रीय विज्ञान प्रौद्योगिकी एवं संचार परिषद, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, भारत सरकार द्वारा प्रायोजित एवं साइंस फॉर सोसाइटी, झारखंड की ओर से आयोजित तीन-दिवसीय झारखंड राज्यस्तरीय राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस गुरुवार को डीपीएस बोकारो में उत्साहपूर्ण वातावरण में शुरू हुआ।

कार्यक्रम के पहले दिन राज्य के 13 विभिन्न जिलों से पहुंचे 100 से अधिक बाल वैज्ञानिक प्रतिभागियों ने अपने निबंधन करवाए। सुबह से ही अलग-अलग जगहों से अपने शिक्षकों के साथ प्रतिभागियों का आना शुरू हो गया। रजिस्ट्रेशन के साथ उन्होंने अपने-अपने प्रोजेक्ट की रिपोर्ट जमा की। इसके बाद संध्या-बेला में निर्णायक मंडली के सदस्यों के लिए उन्मुखीकरण कार्यक्रम (ओरिएंटेशन प्रोग्राम) का आयोजन किया गया।

इसमें साइंस फॉर सोसाइटी, झारखंड के पदाधिकारियों ने निर्णायकों को बाल विज्ञान कांग्रेस की विषयवस्तु ‘स्वास्थ्य एवं कल्याण के लिए पारिस्थितिकी तंत्र को समझना’ के साथ-साथ प्रोजेक्ट के मूल्यांकन, इससे संबंधित मापदंडों, विभिन्न तकनीकी पहलुओं और उसके आधार पर प्रतिभागियों के चयन के संदर्भ में विस्तृत जानकारी दी।

इस अवसर पर मुख्य रूप से उपस्थित साइंस फॉर सोसाइटी, झारखंड के अध्यक्ष डॉ. अली इमाम खान ने कहा कि सोसाइटी तत्कालीन बिहार के समय से ही वर्ष 1993 से बाल विज्ञान कांग्रेस का आयोजन कर रही है। इसका उद्देश्य यह है कि अपने देश के बच्चों में शोध की प्रवृत्ति का विकास कर उनमें वैज्ञानिक चेतना जागृत की जा सके।

बच्चे स्कूली शिक्षा के पारंपरिक दायरे से अलग हटकर नवाचार के साथ शोध में शामिल हों और कुछ नया करें, इसका मकसद यही रहा है। सर्वे और प्रयोग के आधार पर इसमें रिसर्च एक्टिविटी केंद्र में होती है। खास बात यह है कि इसमें स्कूल की बाध्यता नहीं है।

शहरी, ग्रामीण, सीनियर और जूनियर, चार समूहों में आयोजित बाल विज्ञान कांग्रेस में स्कूल से बाहर के बच्चे भी अपने नवोन्मेषी प्रोजेक्ट के साथ शामिल होते हैं। यहां हो रही राज्यस्तरीय प्रतियोगिता में से लगभग 15 सफल प्रतिभागी विभिन्न वर्गों के लिए राष्ट्रीय स्तर के लिए चयनित किए जाएंगे।

सोसाइटी के राज्य समन्वयक सह महासचिव डीएनएस आनंद ने भी बच्चों में वैज्ञानिक सोच के विकास के लिए सोसायटी की ओर से किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। आयोजनाध्यक्ष सह मेजबान डीपीएस बोकारो के प्राचार्य ए. एस. गंगवार ने कहा कि विज्ञान और तकनीक भविष्य की बुनियाद है। जब देश का बच्चा-बच्चा वैज्ञानिक सोच से परिपूर्ण होगा, तो निश्चय ही भारत सबसे विकसित देशों की अग्रणी पंक्ति में शामिल होगा। इसी उद्देश्य के साथ डीपीएस बोकारो भी इस आयोजन में बराबर की भागीदारी निभा रहा है।

इस अवसर पर साइंस फॉर सोसाइटी, झारखंड से स्टेट एकेडमिक को-आर्डिनेटर राजेंद्र कुमार, जिला समन्वयक अरुण कुमार सहित पी. ज्योतिर्मय, एसके राय, एसपी सिंह, आरके कर्ण, निक्की स्मिता, डीपीएस बोकारो के उपप्राचार्य अंजनी भूषण सिंह, प्रधानाध्यापिका मनीषा शर्मा सहित विभिन्न जिलों के शिक्षकगण उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के दूसरे दिन प्रातः 9.30 बजे वैज्ञानिक सत्र का उद्घाटन होगा। इसके बाद प्रतिभागी बाल वैज्ञानिक विभिन्न गतिविधियों के साथ अपने प्रोजेक्ट प्रस्तुत करेंगे। तीसरे दिन समापन सत्र में प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र प्रदान किया जाएगा।


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